Saturday, August 15, 2026
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जेबीपी फाउंडेशन ने पूरे किए सेवा के 8 वर्ष, 913 छात्रों को 24.60 लाख की सहायता

नैनीधार/शिमला/देहरादून
सामाजिक सरोकारों को समर्पित संस्था ‘जेबीपी फाउंडेशन’ शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश कर रही है। संगठन के सक्रिय सदस्य और नैनीधार विद्यालय के गणित शिक्षक रवि पराशर ने जानकारी सांझा करते हुए बताया कि फाउंडेशन ने 31 मार्च 2026 को अपने सेवा पथ के आठ सफल वित्तीय वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवधि में संस्था ने न केवल गरीब परिवारों के बच्चों को आर्थिक संबल दिया, बल्कि उन्हें बेहतर भविष्य के सपने देखने का हौसला भी प्रदान किया है।

रवि पराशर ने बताया कि नैनीधार विद्यालय के होनहार विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास के लिए संगठन द्वारा अब तक ₹50,000 से अधिक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा चुकी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य अंधकारमय न हो।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी विद्यार्थी सहायता की शर्तों के तहत पात्र है, तो वह कभी भी आर्थिक सहायता के लिए आवेदन कर सकता है। संगठन का मूल उद्देश्य यही है कि मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके भविष्य को संवारा जा सके और उनकी पढ़ाई कभी बाधित न हो।

तीन राज्यों में शिक्षा की अलख
पूर्व बैंक अधिकारी एवं ग्राम हटाल निवासी एस.एन. शर्मा द्वारा अपने दिवंगत माता-पिता और बड़े भाई की स्मृति में स्थापित यह मिशन आज उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और बिहार में सक्रिय है। फाउंडेशन अब तक तीन राज्यों के 36 विद्यालयों के 913 होनहार छात्रों को कुल 24.60 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित कर चुका है। अकेले इस वित्तीय वर्ष में ही 181 मेधावी छात्रों को ₹4.56 लाख की प्रोत्साहन राशि दी गई है।

पात्रता और सहायता के मुख्य नियम:
मेधावी छात्र: बोर्ड परीक्षा में 80% से अधिक अंक और ₹1 लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के छात्रों को ₹11,000 की तत्काल सहायता।

विशेष परिस्थिति: यदि पिता की मृत्यु हो चुकी है, तो 70% अंक होने पर भी छात्र को सहायता दी जाती है।

इंटरव्यू या सरकारी परीक्षा के लिए दूर जाने वाले गरीब छात्रों का आने-जाने और ठहरने का खर्च संस्था वहन करती है। स्कूल टॉपर को हर साल ₹1,100 का नकद पुरस्कार।

फाउंडेशन के संस्थापक एस.एन. शर्मा ने बताया कि वर्तमान में संगठन के 270 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सदस्य हैं। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से अपनी आय का मात्र 1% हिस्सा दान करने की अपील की है।

शिक्षक रवि पराशर ने यह भी जानकारी दी कि यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से ऐसे विद्यार्थियों की मदद करना चाहता है या संगठन का नियमित सदस्य बनना चाहता है, तो वह किसी भी समय संगठन की आधिकारिक वेबसाइट या फेसबुक पेज के माध्यम से संपर्क कर सकता है। फाउंडेशन द्वारा स्कूलों में समय-समय पर मोटिवेशनल कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है, ताकि छात्रों में आगे बढ़ने का जज्बा पैदा हो सके।

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