Thursday, March 26, 2026
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सोलन में बहुभाषी कवि सम्मेलन में कवियों ने हिन्दी, पंजाबी, पहाड़ी, उर्दू भाषाओं में पढ़ी रचनाएं

आकाशगंगा टाईम्स/सोलन,
सोलन के जिलापरिषद सभागार में रविवार को हिमाचल प्रदेश प्रगतिशील लेखक संघ ने बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें प्रदेश के अलावा प्रदेश के बाहर के कवियों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर बदलते सामाजिक परिवेश पर तीखे प्रहार किए। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता सोलन नगर परिषद के पूर्व चैयरमैन कुलराकेश पंत ने की।

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इस अवसर पर भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव डॉ सुखदेव सिंह सिरसा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस मौके पर देश के जाने माने उर्दू शायर जाहिद अवरोल, हिमाचल प्रगतिशील लेखक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष गंगाराम राजी, हिमाचल प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव देवेंद्र धर, पंजाब प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष प्रो. सुरजीत सिंह जज, पंजाब से आए प्रो. अनिल पांडे, शशि पंडित ने बतौर विशेष अतिथि शिरकत की। मंच का संचालन रोशन जसवाल ने किया।

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बहुत कुछ कर रहे है स्मार्ट लोग…..
जाने माने उर्दू शायर जाहिद अवरोल ने फरमाया… बात कहनी है तो फिर ठोक बजाकर कहिए, जिससे कहनी है, उसको ही सुनाकर कहिए। भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव डॉ सुखदेव सिंह सिरसा ने अपनी पंजाबी कविता लहू के घूट पढक़र वाहवाही लूटी। आत्मा रंजन ने अपनी प्रसिद्ध कविता बहुत कुछ कर रहे है स्मार्ट लोग, पढ़ी।

डॉ. जगदीश नेगी की गजल के बोल थे.. तू हरगिज मुझसे मायूसी की बातें न कर। मनमोहन सिंह दानिश की गजल की बानगी देखिए… बांध के सर पर कफन को मुस्कराना जानते हैं। डॉ.श्रीकांत अकेला ने कविता शीर्षक पर अपनी कविता पढ़ी,.. यूं ही नहीं रची जाती एक अर्थपूर्ण कविता। डॉ. नरेंद्र शर्मा ने झोला कविता के माध्यम से आज की राजनीति व्यवस्था पर प्रहार किया। पवन शर्मा ने कहा कि अच्छा हुआ यार पुराना अपना कर्ज उतार गया। सोलन के विद्वान व लेखक डॉ. प्रेमलाल गौतम ने संस्कृत भाषा में कविता पाठ कर तालियां बटोरी।

नाहन से आए वरिष्ठ कवि चिरानंद शर्मा ने मैं पत्थर भी और पानी भी पेश कर वाहवाही लूटी। डॉ, कुल राजीव पंत ने पतीली शीर्षक पर कविता पाठ किया। सोलन के रामलाल राही ने पहाड़ी भाषा में कवितापाठ किया। स्नेहलता नेगी ने ऐ दोस्त तुम क्या जानो, कौमुदी ढल ने ऐसा हो आदमी, दीप्ति सारस्वत ने महानगर का नगर में प्रवेश, कविता और सुलोचना भारती ने गीत पेश कर वाहवाही लूटी। कार्यक्रम की शुरूआत एलआर वर्मा और सुरेश वर्मा ने लोक कवि शमशेर के लोकगीत से की,जिसकी सभी ने सराहना की।

इन कवियों ने भी पढ़ी रचनाएं
अंजू आनंद, सतीश रत्न अंजूम, एडवोकेट भूष सिंह रंजन, कुलदीप सिंह दीप, नरेश दयोग, एलपीयू के सहायक प्रोफेसर एमके शुक्ला, अर्की के कुलदीप गर्ग तरूण, शिमला के शायर सुमित राज, रमेश डढ़वाल, प्रो.रणजोध सिंह, डॉ. पवन शर्मा, सोलन के यशपाल कपूर, सुशील शर्मा बेफिक्र, बबीता भारद्वाज, अतुल भारद्वाज, रवि जोशी, कसौली से आए अतुल कुमार, डॉ. अर्चना पंत, सुलोचना भारती व राशि भारद्वाज ने कविता पाठ किया। इस अवसर पर जगदीश भारद्वाज, प्रो, टीडी वर्मा, डॉ. बीएस पंवार, सीताराम ठाकुर समेत अन्य मौजूद रहे।

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