आकाशगंगा टाईम्स/सिरमौर
जिला सिरमौर के विकासखंड पांवटा साहिब की ग्राम पंचायत कंडेला-अदवाड़ के गांव कुल्थीना के ग्रामीण पिछले तीन महीने से पानी की बूंद बूंद को तरस रहे है। गांव के 26 परिवार 5 किलोमीटर दूर नाले से पानी ढोकर लाने को मजबूर है। संबंधित विभाग को सूचित करने के बावजूद भी विभाग के अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे है। जिसके चलते ग्रामीणों में प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन व संबंधित विभाग के प्रति खासा रोष है।
विकासखंड पांवटा साहिब की ग्राम पंचायत कंडेला-अदवाड़ के गांव कुल्थीना के ग्रामीणों में नंबरदार सुरेश ठाकुर, देवानंद ठाकुर, अजय, सुनील, अंकित, गुलाब सिंह, उमा देवी, निशा देवी, विद्या देवी सहित स्थानीय लोगों का कहना है कि कुल्थीना गांव में 26 परिवार रहते है। गांव के लिए श्मयाला के गुत्खील खाले से आईपीएच विभाग की पानी की पाइप-लाइन आती है लेकिन जब गांव के लिए सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था तो सड़क के मलवे के चलते पानी की पाइप लाइन टूट गई। पानी की पाइप-लाइन को टूटे 3 माह का समय हो चुका है लेकिन अभी तक भी संबंधित विभाग इस समस्या का उचित समाधान नहीं कर पाया है। जिसके चलते ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि 2 महीने पहले भी गांव के लोग जल शक्ति विभाग पांवटा साहिब के अधिशासी अभियंता से मिले थे मगर स्थिति जस की तस बनी हुई है। बीते कल भी गांव के युवा अधिशासी अभियंता से मिले लेकिन अधिकारी समस्या का समाधान निकालने की विपरीत ठहाके लगाते नजर आए, स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभाग कब कुंभकर्णी नींद से जागेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन माह से गांव के युवा, महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चे 5 किलोमीटर दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं। संबंधित विभाग की लापरवाही के चलते ग्रामीण हताश और निराशा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की है कि यदि इस समस्या का जल्द से जल्द कोई समाधान नही किया गया तो मजबूरन ग्रामीणों को सड़कों पर उतरना पड़ेगा और आइपीएच विभाग के अधिकारी के कार्यालय का घेराव करना पड़ेगा। जिसके लिए स्थानीय प्रशासन व आईपीएच विभाग जिम्मेदार होगा।
पूछे जाने पर आईपीएच सब डिवीजन पुरुवाला के एसडीओ परविंदर सिंह ने बताया कि पानी की पाइप लाइन को रिपेयर किया गया था जब तक की सड़क निर्माण का कार्य पूरा नही हो जाता और पाइपलाइन फिर ना टूटे। फिर भी समस्या की गंभीरता को देखते हुए आज विभाग के कर्मचारी व स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से पानी की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा ताकि लोगों को पीने का पानी सुचारु रूप से मिल सके और इस समस्या से निजात मिले।