आकाशगंगा टाईम्स/सोलन
देश के सुप्रसिद्ध एवं बहु प्रतिष्ठित स्कूल “द लॉरेंस सनावर” जहां पर 1 साल की फीस लगभग 16 लाख रुपए है, देश के बड़े-बड़े उद्योगपति भी जहां अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए सपने देखते हैं, उस स्कूल में औंमड छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राजकीय केंद्र प्राथमिक पाठशाला शमरोड़ की छात्रा का चयन हुआ है।
इस छात्रवृत्ति के अंतर्गत हर वर्ष दो छात्राओं को मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाती है। इस वर्ष भी देश के बड़े-बड़े प्रतिष्ठित विद्यालयों के 200 से अधिक छात्रों ने इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था।
इस विद्यालय में एक सीट हासिल कर सरकारी स्कूल शमरोड़ की छात्रा ने इतिहास रचा है। स्कूल में दाखिला लेने वाली यह एकमात्र सरकारी स्कूल की छात्रा है।
यह छात्रा अब पांचवी से 12वीं तक इसी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करेगी। इससे पाठशाला परिवार व इलाके में खुशी की लहर है।
छात्रा के पिता संजय कुमार ने खुशी जाहिर करते हुए बेटी की इस सफलता का श्रेय पाठशाला के अध्यापक शशिपॉल शर्मा को दिया और बताया कि उन्हें इस छात्रवृत्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
अध्यापक शशि पॉल ने अपने स्तर पर ही छात्रा के लिए आवेदन किया व छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से टेस्ट व साक्षात्कार की तैयारी करवाई। क्योंकि हिंदी माध्यम के छात्रों को अंग्रेजी माध्यम में बातचीत करने में दिक्कत आती है।
अध्यापक ने छात्रों की शिक्षा को कंप्यूटर व इंटरनेट से जोड़कर उनके उपलब्धि स्तर व आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि की है।जिसका सीधा प्रभाव बच्चों के उपलब्धि स्तर में हुई वृद्धि के रूप में स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। इसी के परिणामस्वरूप पाठशाला के छात्रों का चयन विभिन्न स्कॉलरशिप में हो रहा है।
गौरतलब है कि पिछले 5 वर्षों से अध्यापक द्वारा चलाई जा रही ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से अभी तक 250 से अधिक छात्रों का नवोदय में चयन और 33 छात्रों को स्वर्ण जयंती स्कॉलरशिप के माध्यम से 160000 रुपए की स्कॉलरशिप प्राप्त हुई है।