Thursday, February 5, 2026
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मछली तथा बकरी पालन कर किया स्वरोजगार आरंभ, दिया 7 लोगों को रोजगार

आकाशगंगा टाईम्स/सिरमौर
प्रदेश सरकार लोगों के सामाजिक तथा आर्थिक उत्थान के लिए कृत संकल्प है जिसके तहत अनेकों कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। प्रदेश सरकार लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा के साथ-साथ उपदान भी उपलब्ध करवा रही है ताकि बेरोजगार स्वावलंबी बन सके।

प्रदेश सरकार की योजनाओं के लाभार्थी गुलाम रसूल गांव खैरी, डाकघर त्रिलोकपुर, तहसील नाहन जिला सिरमौर कृषि व पशुपालन व्यवसाय से जुड़े थे। इस व्यवसाय से उनकी आमदनी इतनी अच्छी नहीं थी कि वह परिवार का बेहतर पोषण कर सके। उन्हें जानकारी मिली कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा के साथ उपदान भी मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने सहायक निदेशक मत्स्य पालन विभाग नाहन से संपर्क किया।

उन्होंने वर्ष 2023 में मछली पालन हेतु 3 लाख की परियोजना स्वीकृत करवाई जिस पर उन्हें 30 प्रतिशत अनुदान भी मिला। जिससे उन्होंने 4 तालाबों का निर्माण किया तथा जिला सोलन के नालागढ़ से पंगास तथा राहु प्रजाति के मछली के बीज क्रय किए। वर्ष 2023 से अब तक उन्हें मछली पालन से 6 लाख 50 हजार रुपए की आय अर्जित हुई, जिससे उन्हें 4 लाख 50 हजार का शुद्ध लाभ हुआ। इस कार्य के लिए उन्होंने 2 लोगों को रोजगार भी दिया है वह अपने तालाबों से ही मछली विक्रय करते हैं जिसके लिए चंडीगढ़ तथा उत्तर प्रदेश के व्यापारी आकर खरीदते हैं।

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वह 70 रुपये से 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मछली विक्रय कर रहे हैं। गुलाम रसूल ने मछली पालन व्यवसाय से प्रेरित होकर पशुपालन विभाग से वर्ष 2024 में बकरी पालन के लिए 60 लख रुपए की परियोजना स्वीकृत करवाई। जिसमें 30 लाख रुपए ऋण तथा 30 लाख रुपए अनुदान मिला।

उन्होंने इसके लिए दो शेड तथा एक चारा भंडारण का निर्माण करवाया। उन्होंने पंजाब के संगरूर से 300 बकरी तथा 15 बकरे के बच्चे खरीदे। आज 1 वर्ष के भीतर उनके पास 450 बकरियां हैं जिनका वह आगामी वर्ष से विक्रय करना आरंभ करेंगे। इस कार्य में उन्होंने पांच लोगों को रोजगार भी दिया है। गुलाम रसूल का 1000 बकरियां/बकरा तैयार करने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त वह आसपास के 500 परिवार को इस व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रयासरत हैं।

उन्होंने बकरी पालन का 15 दिनों का प्रशिक्षण केंद्रीय अनुसंधान केंद्र मथुरा उत्तर प्रदेश से लिया है वह बताते हैं कि बकरी पालन भी आर्थिक की सुदृढ़ करने का एक बेहतर विकल्प है उन्होंने प्रदेश सरकार की जनकल्याण कल्याणकारी योजनाएं तथा उसके साथ दिए जाने वाले योगदान के लिए वह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हैं।

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